नकली बीज घोटाले पर सियासी घमासान तेज, कांग्रेस ने कृषि मंत्री पर उठाए सवाल
Political row over fake seed scam intensifies
Political row over fake seed scam intensifies, कांग्रेस ने सोशल मीडिया 'X' पर पोस्ट में कहा कि प्राथमिकी में दर्ज बातचीत में डॉक्टर साहब का फोन आया था और गंगानगर वाला भुगतान मंत्री जी को कुछ नहीं आया जैसे कथित संवाद सामने आए हैं. पार्टी ने सवाल उठाया है कि प्राथमिकी में जिस मंत्री का उल्लेख है, और जिस सतीश द्वारा भुगतान तथा सेटिंग की बात कही जा रही है, क्या वह कृषि मंत्री का निजी सहायक सतीश है?
सीएम से जांच कराने की मांग
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कृषि मंत्री के साथ कार्रवाई का चेहरा बने लोग पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं. पार्टी के अनुसार, सीकर में मंत्री के करीबी बताए जा रहे संदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, जबकि संदीप को छुड़ाने की कोशिश करने वाले जुगल किशोर भी जेल पहुंच चुके हैं. कांग्रेस ने कहा कि इन घटनाक्रमों के बावजूद यदि कृषि मंत्री पद पर बने रहते हैं तो यह नैतिकता नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार को संरक्षण देने जैसा होगा. पार्टी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और कृषि मंत्री से इस्तीफा लेने की मांग की है.
निष्पक्ष जांच कराने की मांग
कांग्रेस का कहना है कि करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई जनता के सामने आ सके. एक्स पोस्ट में लिखा गया है कि अब क्या बचा है.. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल जी? इस्तीफा दीजिए. सीकर में संदीप पर आपके नाम से लाखों की उगाही का आरोप लगा, पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, लेकिन आपने बचाने की कोशिश की.
जांच में संदीप का आया नाम
अब संदीप का नाम ACB की जांच में सामने आ गया है. आपके करीबी गिरफ्तार बीज निगम के पूर्व डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई की कथित बातचीत में साफ कहा जा रहा है. संदीप वाले लफड़े से सारा मामला उजागर हो गया. गंगानगर वाला पेमेंट मंत्री जी को कुछ नहीं आया. मीडिया के सामने जिस टीम (संदीप और रजनीश) का आप पीठ थपथपा रहे थे, क्या ये संदीप इस पूरे उगाही तंत्र में एक और सबसे अहम किरदार है? सबसे बड़ा सवाल ये है कि सीकर में उगाही के आरोपी संदीप के पकड़े जाने और FIR दर्ज होने के बाद भी मंत्री जी उसके बचाव में क्यों उतरे?
अब जवाबदेही का समय है
खुद मंत्री जी ने सार्वजनिक रूप से कहा था, "सीकर में हमारी टीम (संदीप व रजनीश) ने पूरी निष्ठा से कार्य किया है." आज संदीप का नाम करोड़ों के रिश्वतकांड की जांच में सामने आ रहा है, और मंत्री जी के इशारे पर संदीप को छुड़ाने वाले जुगल किशोर स्वयं जेल पहुंच चुके हैं. पहले छापेमारी, फिर सेटिंग, उगाही, FIR, गिरफ्तारियां और अब कॉल रिकॉर्डिंग में सब कुछ स्पष्ट हो चुका है. किरोड़ी जी कृषि मंत्री के पद पर बने रहने का आप नैतिक अधिकार खो चुके हैं. अब सफाइयों का नहीं, जवाबदेही का समय है.अगर जरा सी भी नैतिकता बची है तो तत्काल इस्तीफा दीजिए. नहीं तो मुख्यमंत्री जी को बर्खास्त करना चाहिए.
2 करोड़ से अधिक घूस लेने का आरोप
राजस्थान में बीज निगम से जुड़े नकली बीज प्रकरण में दर्ज एसीबी की एफआईआर ने बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं. मामले में कुल 2 करोड़ 45 लाख 17 हजार 810 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए हैं जिसमें एसीबी ने एफआईआर दर्ज की है. एसीबी के एक्शन के बाद सामने आया है कि आरोपी जुगल किशोर को उनके पद से हटा दिया गया है. सरकार ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया है.
FIR में 6 लोगों नाम शामिल हैं
एफआईआर में राजस्थान राज्य बीज निगम के तत्कालीन डायरेक्टर जुगल किशोर सहित छह आरोपियों के नाम शामिल हैं. इसमें सतीश कुमार का नाम भी दर्ज है, जबकि दस्तावेजों में एक डॉक्टर और मंत्री का भी उल्लेख किया गया है. आरोप है कि नकली बीज के सीज किए गए स्टॉक को वापस गुजरात भेजने और कार्रवाई रोकने के एवज में यह राशि वसूली गई. सबसे बड़ा सवाल यह है की आखिरकार एफ़आईआर में दर्ज सतीश कौन है मंत्री कौन है और डॉक्टर किसे कहा जा रहा है ?